करणी सेना ने ली शिवराज के रथ पर हमले की जिम्मेदारी

ग्वालियर में सवर्ण संगठनों का शक्ति प्रदर्शन
 भोपाल : एमपी में एससी-एसटी ऐक्ट में संशोधन के खिलाफ आंदोलन कर रहे सवर्ण संगठनों ने मंगलवार को ग्वालियर में शक्ति प्रदर्शन किया। उन्होंने ऐलान किया है कि न तो किसी दल को वोट देंगे और न ही नेताओं को अपने क्षेत्र में घुसने देंगे। इस बीच, करणी सेना ने चुरहट में सीएम शिवराज सिंह चौहान के रथ पर पथराव और सभा में चप्पल फेंकने की जिम्मेदारी ली है। संगठन ने आगे भी अभियान जारी रखने की चेतावनी दी है। 
सवर्ण संगठनों के आंदोलनों के चलते राज्य में कई जगह तनाव की स्थिति बनी हुई है। शिवपुरी जिले में तो धारा-144 लगा दी गई है। भोपाल में शिवराज सिंह चौहान की कैबिनेट ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। 
पूर्व केंद्रीय मंत्री और दमोह के सांसद प्रह्लाद पटेल ने प्रदेश सरकार के बचाव की जिम्मेदारी संभाली है। सीएम निवास में भाजपा के पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ की बैठक में उन्होंने कहा कि आज की परिस्थितियों में पिछड़े वर्ग की भूमिका अति महत्वपूर्ण हो गई है। हम सदियों से अगड़े और अनुसूचित वर्ग के बीच कड़ी का काम करते रहे हैं और आगे भी पूरी जिम्मेदारी के साथ करेंगे।