अमित शाह के नेतृत्व में ही भाजपा का मिशन-2019 का लोकसभा चुनाव

 नई दिल्ली: भाजपा 2019 का लोकसभा चुनाव अमित शाह की अध्यक्षता में ही लड़ेगी। पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक शुरू होने से चंद घंटे पहले शनिवार को पदाधिकारियों की बैठक में यह फैसला लिया गया। चुनावी मैदान में जीत के लिए अमित शाह ने 'अजेय बीजेपी' का नारा दिया है। 
सूत्रों के मुताबिक, अगले लोकसभा चुनाव तक शाह ही कमान संभालेंगे। इसके लिए पार्टी ने अगले साल जनवरी में होने वाले पार्टी अध्यक्ष के चुनाव टाल दिए हैं। दरअसल इससे लोकसभा चुनाव की तैयारियों पर असर पड़ सकता था। वैसे शाह लगातार दूसरी बार भी पार्टी अध्यक्ष बन सकते हैं। अगर आधे राज्यों में भाजपा संगठन के चुनाव हो जाते हैं तो फिर राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव किया जा सकता है। 
शाह ने अपने भाषण में कहा कि भाजपा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के करिश्माई व्यक्तित्व, सरकार की उपलब्धियां और मजबूत संगठन के भरोसे आम चुनाव में उतरेगी। उन्होंने साफ किया कि अपने मिशन को पूरा करने के लिए पार्टी की नजर गांव, किसान, दलित और आदिवासी वोटरों पर है। पार्टी ने कार्यकारिणी बैठक आम्बेडकर अंतरराष्ट्रीय केंद्र में आयोजित करके दलित वोटरों को लुभाने का भी संकेत दिया। कार्यकारिणी बैठक में भाजपा भले ही विधानसभा और अगले लोकसभा चुनाव पर मंथन कर रही हो, लेकिन पार्टी के अधिकांश नेता पेट्रोल, डीजल की आसमान छूती कीमतों और सवर्ण जातियों के आंदोलन को लेकर उठते सवालों से बचते नजर आए। जब बैठक के बारे में बताने आईं भाजपा नेता निर्मला सीतारमण से तेल की महंगाई पर सवाल किया गया तो वह किनारा करती नजर आईं। उन्होंने कहा कि वह सिर्फ कार्यकारिणी के उद्घाटन भाषण के बारे में जानकारी देने आईं हैं और भाषण में इस मसले का कोई जिक्र नहीं हुआ। इसी तरह का सवाल जब सवर्ण आंदोलन के बारे में किया गया तो भी उनका यही जवाब था कि इस बारे में अध्यक्ष ने भाषण में कोई जिक्र नहीं किया