भारतीय हिंदी हाईस्कूल के विधार्थियों द्वारा शिक्षकों को अनोखा सम्मान

भारतीय हिंदी हाईस्कूल के विधार्थियों द्वारा शिक्षकों को अनोखा सम्मान


28 सालों के लंबेे अंतराल में जंहा लोग अपनो को भूल जाते हैं,वंही कुछ ऐसे भी छात्र हैं जो इस आपा धापी में भी अपनी व्यस्तता, अपनी जिम्मेदारियों को निभाते हुए अपने विद्यालय के शिक्षकों व अपने छात्र मित्रों को नही भूले, अपितु उन्हें एक स्नेह मिलन के बहाने एक छत के नीचे मिलने को मजबूर भी किया,और उस दौरान सभी शिक्षकों व छात्रों ने अपने विद्यालयीन जीवन मे पहुँच कर अश्रुपूर्ण सजल नेत्रों से अपनी अपनी प्रसन्नता जाहिर की। 1987 से 1990 बैच के भारतीय हिंदी हाई स्कूल,उल्हासनगर के छात्रों ने जंहा अपनी शिक्षा समाप्त कर अपनी जिम्मेदारियों, परिवार में व्यस्त हो गए,वंही कुछ छात्र ऐसे भी थे,जिन्होंने सारी जिम्मेदारियों को निभाते हुए विद्यालय के कुछ मित्रों से लगातार संपर्क रखा और उसका नतीजा यह निकला कि उन छात्रों ने अपने अपने माध्यम से सभी शिक्षकों व अधिकतर छात्रों से संपर्क बनाकर एक व्हाट्सअप ग्रुप के जरिये ऑनलाईन एकत्र किया,और वंही से शुरू हुई विद्यालयीन जीवनकाल में दोबारा लौटने की मनभावन कल्पना, और उसको एक रूप देते हुए अटल अहिरवार, संजीव जैन, जसवंतसिंह संगतानी, प्रदीप जैसवार, राधेश्याम, सूदन आदि छात्रों ने स्नेह मिलन समारोह एवं प्रीति भोज की कल्पना साकार की, व सभी शिक्षकों व अधिकतर छात्रों को उल्हासनगर के शांतिनगर परिसर के होटल फालकोन की छत के नीचे इकट्ठा किया।    फालकोन होटल का यह हॉल विद्यालय के प्रांगण में कब तब्दील हो गया,पता ही नही चला,और फिर शुरू हुई शिक्षकों व छात्रों की प्यारी सी नोंक झोंक, आभार, कृतज्ञता का आदान प्रदान, उपस्थित छात्रों द्वारा सभी शिक्षकों को शॉल, स्मृति चिन्ह देकर जंहा सम्मानित किया गया, वंही शिक्षकों द्वारा भी सभी विद्यार्थियों को विद्यालय के बैच देकर उन्हें भी उनके बाल्यकाल में ले जाने का प्रयास कर 28 सालों बाद भी अपने गुरुओं को याद रखना,अपने जीवन मे सफल मुकाम के लिए हमे श्रेय देना,यह आज के काल मे एक अद्भुत नजारा है और हम अपने पूरे जीवन मे इस क्षण को कभी नही भूल पाएंगे,और यही हमारे लिए सच्ची गुरु दक्षिणा है,यह कहते हुए शेख सर,अलका टीचर ने भरे गले से सभी का आभार व्यक्त किया।  सम्मानित शिक्षकों में विद्यालय के भूतपूर्व प्रिंसिपल शेख मोइन अब्दुल्ला , वर्तमान प्रिन्सिपल मीरा केसवानी, शिक्षिका अलका नागरे, माया रावत,रीटा अग्रवाल, पन्ना देसाई, शिक्षक बी एम शुक्ला, सी बी सिंह, गोरखनाथ कांबले, विद्यालय कर्मचारी परशुराम जी, एवं पाटिल जी आदि को विद्यालय के छात्र राकेश पुरुस्वानी, अरुण सारस्वत, सुनीता खन्ना, कीर्ति सेठी, रविशंकर मिश्रा, ओमप्रकाश यादव, दीपक रोहरा, आसिफ शेख, ओमप्रकाश कलवानी, शकील शेख, सुभाष सिंह, भरत कांबले, तुलसी भट्टी, टीकमदास, आदि छात्रों द्वारा आभार व कृतज्ञता व्यक्त करते हुए प्रिन्सिपल शेख सर के गायन के पश्चात प्रीतिभोज द्वारा स्नेह मिलन का कभी ना समाप्त होने वाला समापन किया गया।