राकपा नेताओं में भाजपा की “भय”कारी या कुर्सी की लाचारी

राकपा नेताओं में भाजपा की “भय”कारी

या कुर्सी की लाचारी

राकपा के कद्दावर नेता गणेश नाईक के बीजेपी में शामिल होने के संकेत मिल रहे है / इसके अलावा राकपा के ५२ नगरसेवक भी हो सकते है बीजेपी में शामिल .

ठाणे :आज राकपा सुप्रीमो शरद पवार के सबसे क़रीबीयों में रहे गणेश नाईक लगभग ५२ नगरसेवको के साथ राकपा कों आखिर का जय महाराष्ट्र कहते हुए भाजपा का जय श्री राम का नारा लगा सकते है .लेकिन अभी भी राकपा सुप्रीमों शरद पवार को इस बात का विश्वास नहीं है कि गणेश नाईक पार्टी के साथ गद्दारी कर सकते है.

भाजपा द्वारा सत्ता का दुरप्रयोग

   ठाणे जिला व नवी मुंबई में लगभग २ दसक से राकपा पार्टी के सर्वेसर्वा सत्तासीन नेता गणेश नाईक राकपा पार्टी छोड़कर भाजपा में लगभग ५२ नगरसेवको के साथ प्रवेश करने वाले है जो लगभग तय ही है..लेकिन कुछ दिन पहले राकपा सुप्रीमो शरद पवार ने भाजपा पर आरोप लगाया था कि भाजपा सत्ता का दुरपयोग करके, इडी और इनकम टैक्स जैसी सरकारी मशीनरी का भय दिखाकर कार्यकर्ताओं कों भाजपा में प्रवेश करने के लिए मजबूर कर रही है.

नाईक का राजनितिक गणित  
यदि गणेश नाईक नवी मुंबई एमएनपी के अपने समर्थक नगरसेवकों, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ बीजेपी में चले गए तो एनसीपी के लिए यह अब तक का सबसे बड़ा झटका होगा। गणेश नाईक के साथ उनके विधायक बेटे संदीप नाईक के भी बीजेपी में जाने के संकेत हैं। सूत्रों का कहना था कि गणेश नाईक ने अभी तक अपना पत्ता नहीं खोला है। कहा जा रहा है कि वह नवी मुंबई की बेलापुर और ऐरोली दोनों विधानसभा सीटों पर अपना कब्जा चाहते हैं। 

नाईक कुर्सी के लाचार

मुब्रा के विधायक जितेन्द्र आह्वाड आरोप लगाया  है कि पार्टी सुप्रीमों शरद पवार व पार्टी के कुछ नेताओं को बार बार बताया है कि गणेश नाईक स्वयं के हित के लिये पार्टी कों खड्डे में डालने के लिए नहीं हिचकेगे. लेकिन दुर्भाग्य यह है कि पार्टी के नेताओ ने मेरे बातों पर कभी ध्यान नहीं दिया,जिसका खामियाजा पार्टी को आज भुगतना पड़ रहा है. गणेश नाईक नवी मुंबई महानगरपालिका के स्थापना के बाद से ही घर और स्वयं का विकास किया .पार्टी ने एक साथ  गणेश नाईक कों मंत्री ,पुत्र संजीव नाईक सांसद ,पुत्र संदीप नाईक विधायक ,भतीजा सागरनाईक महापौर,भाई स्थाई सभापति देने के बाद भी कुर्सी के लाचारी पार्टी छोड़ रहे है.यदि गणेश नाईक राकपा में शामिल हो गए तो निश्चित है कि भाजपा  नवी मुंबई पर काबिज होने के लिए वेकरार है नाईक कों भाजपा में  कितना फायदा मिलेगा यह तो समय बताएगा लेकिन भाजपा कों नाईक से   कल्याण- डोम्बिवली अम्बरनाथ ,बदलापुर तक फायदा मिलेगा.  यह तो गणेश नाईक ही बतायेगे कि भाजपा का भय है या कुर्सी की लाचारी .

 

सोसल मिडिया पर मैससेज वायरल : अमावस्या को कोई शुभ कार्य नहीं करते है,,, लेकिन पार्टी प्रवेश,,, शुभ कार्य नहीं,,, यह तो गद्दारी है, कृपया बताये खुद्दारी किसे कहते है .